5 महीने के बच्चे को दिन में कितनी बार दूध पिलाना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Sat 22nd Oct 2022 : 10:32

सही मात्रा में पिलाएं छोटे बच्चों को दूध, जरूरत से ज्यादा दूध पिलाने से हो सकते हैं ये नुकसान

Side effects of drinking too much milk: छोटे बच्चों का शरीर तेजी से बढ़ता है, इसलिए उसे पर्याप्त पोषण देना जरूरी होता है। इसलिए बच्चों को पर्याप्त दूध देना जरूरी होता है। लेकिन जरूरत से ज्यादा दूध भी बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। इस लेख में जानें उम्र के अनुसार बच्चे को कितनी मात्रा में दूध पिलाना चाहिए।

दूध को संपूर्ण आहार कहा जाता है, क्योंकि इसमें लगभग वे सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शारीरिक विकास के लिए बेहद जरूरी होते हैं। यही कारण है कि छोटे बच्चों के लिए मिल्क बेहद जरूरी होता है। छोटे बच्चों का शरीर विकसित हो रहा होता है, जिसके लिए उन्हें पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों की आवश्यकता पड़ती है। जिन बच्चों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता है, तो उनकी नॉर्मल ग्रोथ रुक जाती है और कुछ गंभीर स्थितियों में बच्चे कुपोषण का शिकार भी हो जाते हैं। इसलिए डॉक्टर बच्चों को पर्याप्त मात्रा में दूध पिलाने का सुझाव देते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि बच्चों को एक लिमिट से ज्यादा दूध पिलाना उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, वैसे तो लिमिट से ज्यादा खाया गया कोई भी फूड हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है। लेकिन जरूरत से ज्यादा दूध का सेवन करने से बच्चों को कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। अगर आपके घर में भी बच्चे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि उन्हें रोजाना कितनी मात्रा में दूध मिलना चाहिए।
बच्चे को कितना दूध पीना चाहिए

छोटे बच्चों के लिए कितना दूध उचित है यह उनकी उम्र पर निर्भर करता है।
उम्र के अनुसार उसके लिए दूध की उचित मात्रा निम्न दी गई है -

नवजात शिशुओं के लिए हर 2 से 3 घंटे में 45 से 90 मिलीलीटर दूध
लगभग 2 महीने के बच्चों को हर 4 से 5 घंटे में 120 से 150 मिलीलीटर दूध दें
बच्चा यदि 4 महीने या उससे ज्यादा का हो गया है, तो उसे 120 से 150 मिलीलीटर दूध दें जितनी बार भी उन्हें भूख लगे
अगर बच्चा 6 महीने से ऊपर का हो गया है तो उसे दिन में 4 से 5 बार 180 से 230 मिलीलीटर दूध दे

सकते हैं।

वहीं अगर बच्चा एक से दो साल का है या फिर उससे भी बड़ा हो गया है, तो उसकी भूख, शारीरिक वजन और स्वास्थ्य के अनुसार दूध की मात्रा को कम ज्यादा किया जा सकता है। अगर आप निश्चित नहीं कर पा रहे हैं कि बच्चे के कितना दूध देना चाहिए, तो ऐसे में आप किसी अच्छे डाईटीशियन से बात कर सकते हैं।
ज्यादा दूध नुकसानदायक

कई बार पेरेंट्स को पता नहीं होता है और वे शिशुओं को ज्यादा दूध पिला देते हैं, जिससे बच्चे को पेट संबंधी कई समस्याएं हो जाती हैं। ज्यादा दूध के कारण कई बार शिशुओं को कब्ज, दस्त या पेट फूलना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ज्यादा दूध पीने से कई बार बच्चों के पेट में गंभीर दर्द हो जाता है, जिससे वे लगातार रोने लगते हैं।

अगर बच्चा लगभग 2 साल का है, तो भी उसके लिए दूध की उचित मात्रा जरूरी है। इस उम्र के बच्चों की पाचन क्रिया भी इतने अच्छे से काम नहीं कर पाती है और साथ ही वे बाहर की चीजें खाना शुरू कर देते हैं। ऐसी स्थितियों में दूध की सही मात्रा को निश्चित करना जरूरी है। दूध में फैट ज्यादा होता है और ज्यादा दूध को पचाने में समय लगता है। कई बार बच्चा दूध पीने के बाद कुछ और नहीं खा पाता है और उसे भूख लगना कम हो जाती है। पोषण में असंतुलन होने से भी उसे कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

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